प्रेगनेंसी के इन शुरुआती लक्षणों को पहचाने

माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही सुखद और अनमोल अनुभव होता है। यह वो एहसास है जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, लेकिन जब कोई महिला पहली बार माँ बनती है तो उन्हें इस एहसास को समझने में थोड़ा वक़्त लग जाता है। बार-बार चक्कर आना, मितली आना ये कुछ लक्षण है जिससे यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि महिला माँ बनने वाली है, लेकिन इन सबके अलावा भी कई ऐसे लक्षण है जिससे आने वाली खुश खबरी का पता लगाया जा सकता है। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम ऐसे ही कुछ और प्रेगनेंसी के लक्षणों के बारे में आपको बता रहे हैं।

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  1. चक्कर आना – कभी-कभी महिला को लगातार हल्के-हल्के चक्कर आने लगते हैं जो कि प्रेगनेंसी के मुख्य लक्षणों में से एक है।हालांकि ज़रूरी नहीं की हर बार आपको प्रेगनेंसी के वजह से ही चक्कर आये। कभी-कभी खून की कमी भी चक्कर आने की वजह होती है, इसलिए अगर आपको बार-बार चक्कर आये तो अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें और इसके बारे में बताएं।

 

  1. पीरियड्स लेट से आना या ना आना – पीरियड्स ना आना प्रेगनेंसी का एक बहुत ही मुख्य लक्षण है। अगर आपका पीरियड्स अभी तक नहीं आया है तो एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करवाएं। अगर आपको हर महीने पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं, लेकिन इस बार देर हो गई है तो एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करवा लें क्योंकि पीरियड्स का बंद हों प्रेगनेंसी का एक मुख्य लक्षण है। लेकिन अपने मन से भी कोई बात ना समझ लें क्योंकि पीरियड्स लेट आना या नियमित ना होना इन्फेक्शन के भी लक्षण हो सकते हैं, इसलिए अपने डॉक्टर से इस बारे में ज़रूर बात करें।

 

  1. थकान होना – प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव आते हैं और हार्मोन्स के बदलने से यह बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलावों के वजह से महिला का शरीर थका हुआ महसूस करता है, इसलिए अगर आपको बेवजह, बिना कोई काम किए हुए भी थकावट महसूस हो रहा हो या सोकर उठने के बाद भी आपको नींद आ रही हो तो एक बार प्रेगनेंसी की जांच ज़रूर कर लें क्योंकि थकावट होना भी प्रेगनेंसी के मुख्य लक्षणों में से एक है।

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  1. स्पॉटिंग होना – यह भी प्रेगनेंसी के लक्षणों में से एक है। कभी-कभी पीरियड्स के वक़्त ब्लीडिंग ना होकर हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होती है, जिस कारण महिला को ग़लतफहमी हो जाती है कि शायद एक महीने ज़्यादा तो दूसरे महीने में कम होता है। हालांकि यह प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों में से एक है।  

 

  1. मितली आना – कई महिलाओं को गर्भावस्था के शुरूआती महीनों में मितली आने की परेशानी होती है। यह सुबह, दोपहर, रात या कभी-कभी पुरे दिन भी होता है।

 

  1. खाने के आदत में बदलाव होना – गर्भावस्था में कई महिलाओं के खाने के आदतों में बदलाव होता है। जहां कुछ महिलाओं को खाने में अरुचि होने लगती है तो वहीं कुछ महिलाओं को खाने की क्रेविंग होने लगती है। हो सकता आपको जो पसंद हो गर्भावस्था के आपको उससे अरुचि हो जाए और जो ऐसे में आपको पसंद ना हो प्रेगनेंसी के दौरान वो आपको अच्छा लगने लगे। ऐसा महिला के शरीर में हार्मोन्स के परिवर्तन से होता है। 

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  1. मूड स्विंग्स होना – तुरंत में गुस्सा या उदास हो जाना, या अचानक से खुश हो जाना यानि मूड और व्यवहार में परिवर्तन भी गर्भावस्था के लक्षणों में से एक है।

 

  1. सरदर्द होना – प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन्स के परिवर्तन के वजह से महिला को सरदर्द या तनाव की समस्या से गुज़ारना पड़ सकता है। लेकिन अगर सरदर्द ज़्यादा और लगातार हो तो एक बार आप अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें क्योंकि ज़रूरी नहीं लगातार सरदर्द गर्भावस्था के ही लक्षण है।

 

ये तो बस कुछ ही लक्षण थे इसके अलावा, बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत, कब्ज़, ऐंठन, पीठदर्द, स्तनों का भारी महसूस होना, सांस लेने में परेशानी होना या शरीर के तापमान में बदलाव होना भी गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं। लेकिन हमेशा याद रखें इन लक्षणों को हल्के में ना लें और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भावस्था एक बहुत ही खुशनुमा एहसास होता है इसलिए इस पल को महसूस करें और गर्भावस्था में सावधानियां भी ले। भले ही इन लक्षणों के वजह से आपको कुछ महीने परेशानी होगी लेकिन इन सबके बाद जब आपका अंश आपने गोद में आएगा तो आप इन सब तकलीफों को भूल जाएंगी।  

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