Bone tb in hindi

Bone TB in Hindi – बोन टीबी क्या है, लक्षण और इलाज

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको विस्तार में बताएँगे bone tb in Hindi के बारे में ताकि आप जान सके क्या है बोन टीबी के लक्षण और इलाज.

क्या है बोन टीबी – Bone TB in Hindi

जैसा कि इसका नाम है ये टीबी का एक अलग प्रकार है जो की हड्डियों से सम्बंधित है. बॉन टीबी में व्यक्ति के विभिन्न हिस्से प्रभावित हो सकते है. ये टीबी व्यक्ति के रीढ़ की हड्डी, हिप्स, घुटने, पैर, कंधे या फिर हाथो की हड्डियों में हो सकता है. पिछले 20 सालों में बोन टीबी भारत जैसे देशो में बहुत तेज़ी से फ़ैल रहा है और इसका मुख्य कारण है कुपोषण और गन्दगी.

क्या कारण है बोन टीबी का – Kaise Hota Hai Bone TB?

बोन टीबी या हड्डी का टीबी मुख्य रूप से mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया से होता है. ये टीबी खून के ज़रिये शरीर में प्रवेश करता है और लम्बी हड्डियों जैसे कि पैर, घुटने, हाथ या रीढ़ की हड्डी में जाकर जमा हो जाता है. ये ज़रूरी नहीं कि ये बैक्टीरिया सिर्फ फेफड़ो को प्रभावित करे. शरीर में जमा बैक्टीरिया को जब खुराक मिलती है तो वह और बढ़ जाता है और फिर हड्डी को नुक्सान करने लगता है. मात्र एक महीने में ये बैक्टीरिया हड्डी को काफी नुक्सान कर देता है और बहुत गंभीर बात ये है कि इस टीबी का जल्द पता नहीं चलता. इस टीबी का पता तब चलता है जब मरीज़ को बुखार, हड्डी में दर्द या सूजन आती है.Bone tb in hindi

ज़्यादातर लोगों को बोन टीबी या हड्डी का टीबी तब होता है जब उन्हें पहले से फेफड़ों का टीबी हो और वह खून के ज़रिये शरीर की किसी हड्डी में चला जाए. ये जरुरी नहीं कि जिन्हें फेफड़ों का टीबी हो उन्हें ही हड्डी की टीबी हो. ये किसी को भी हो सकता है.

इस टीबी के फैलने का दूसरा मुख्य कारण है खुला घाव. कई बार किसी बड़े ऑपरेशन के दौरान भी ये बैक्टीरिया खून के द्वारा शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसलिए खुले घाव को हमेशा ढक कर रखे और उसका अच्छे से इलाज करे.

 

बोन टीबी के लक्षण या हड्डी का टीबी – Bone TB ke Lakshan in Hindi

वैसे तो ये टीबी शरीर के किसी भी जॉइंट को प्रभावित कर सकता है लेकिन मुख्यता ये रीढ़ की, हिप्स, कंधे, घुटने या हाथ की हड्डी को प्रभावित करता है. तो आईये जानते है बोन टीबी के लक्षण:

दर्द: वैसे तो बॉन टीबी शरीर के किसी भी हड्डी में होसकता है लेकिन मुख्यता ये उन हड्डियों में होता जो सबसे ज्यादा काम में आती है या लम्बी हड्डियाँ. विशेषज्ञ मानते है कि ये टीबी ज़्यादातर कोहनी में, घुटने में और रीढ़ की हड्डी में होता है. जहाँ भी ये हो वहां दर्द और सूजन रहती है. अगर किसी को इन हड्डियों में कभी गहरी चोट या खिचाव के कारण दर्द रहा हो तो ये टीबी उस जगह जमा हो जाता है. फिर भी इसका पता टीबी के टेस्ट या X-Ray से ही चलता है. बोन टीबी में प्रभावित हिस्से में दर्द के साथ हड्डी में खिचाव भी रहता है. इसके इलावा हड्डी का टीबी में मरीज़ को बुखार रहेगा जो लम्बे समय तक नहीं जाता. बुखार की गोली खाने से कुछ देर के लिए बुखार ठीक तो हो जाएगा लेकिन फिर आ जायेगा.

हड्डी में खिचाव: अगर हड्डी में टीबी हो तो उस जगह की हड्डी में खिचाव आ जायेगा. उदाहरण के लिए अगर किसी को घुटने में टीबी हो जाये तो घुटना पूरी तरह से नहीं मुड़ेगा या घुटना मोड़ने पर दर्द होगी. ये एक मुख लक्षण है बोन टीबी का.

लकवा या पैरालिसिस: आपको बता दे कि अगर हड्डी के टीबी का सही समय पर इलाज न हो तो इससे शरीर के प्रभावित हिस्से पर लकवा भी हो सकता है. ये तब होता है जब टीबी के कीटाणु हड्डी को बहुत नुक्सान कर देते है. इसलिए इन लक्षणों को पहचाने और सही समय पर इलाज करवाए.

हड्डी का अपनी जगह से हिल जाना या चमड़ी पर कूबड़ बन जाना: कई बार बोन टीबी में हड्डी को इतना नुक्सान हो जाता है कि वह अपनी जगह से हिल जाती है जिससे चमड़ी के ऊपर एक कूबड़ सा बन जाता है. वहां पर हाथ लगाने से भी दर्द होता है. अगर ये कोहनी में या घुटने पर हो तो आसानी से पता चल जाता है लेकिन अगर रीढ़ की हड्डी में हो तो जल्दी पता नहीं चलता और हड्डी को ज्यादा नुक्सान हो सकता है.

तो ये थे बोन टीबी के कुछ लक्षण अब कुछ सवाल जिनके उत्तर अक्सर लोग ढूंढते है.

क्या बोन टीबी पूरी तरह ठीक हो सकता है?

जी हाँ, बोन टीबी के लक्षण पहचानिए और जल्द से जल्द इसकी दवाई शुरू करे. इसकी दवाई 6 महीने से एक साल तक खानी पड़ती है जिसके बाद ये टीबी पूरी तरह ठीक जाता है.

क्या हड्डी का टीबी दुसरो को भी फ़ैल सकता है?

जी नहीं, फेफड़ो के टीबी की तरह हड्डी का टीबी में कोई खांसी नहीं होती और ये दुसरो को नहीं फैलता. बस कुछ सावधानिय बरतनी पड़ती है जैसे कि प्रभावित व्यक्ति का झूठा न खाए, बिना कंडोम के सेक्स ना करे आदि.

बोन टीबी के लिए क्या टेस्ट है?

इस टीबी के लिए वाही टेस्ट है जो आम टीबी के लिए होते है. एक तो खून की जांच और डॉक्टर आपके प्रभावित हिस्से के अन्दर से कुछ मांस का टुकड़ा लेकर एक टेस्ट करेगा जिससे पता चल जाता है की टीबी है या नहीं.

बोन टीबी का इलाज या ट्रीटमेंट क्या है?

हड्डी का टीबी का सबसे पक्का इलाज है DOTS. ये ट्रीटमेंट बड़ी आसानी से उपलब्ध है और कई सरकारी हॉस्पिटल में तो DOTS ट्रीटमेंट बिना किसी शुल्क के किया जाता है. अगर आपने टीबी के लक्षण जल्द पहचान लिए तो 6 महीने का इलाज होता है लेकिन ज़्यादातर डॉक्टर एक साल के लिए दवाई खाने को बोलते है ताकि टीबी पूरी तरह से ख़त्म हो जाए और दुबारा होने का डर न हो.

क्या इस टीबी से कोई साइड इफ़ेक्ट भी होता है?

अगर आप अच्छा खान पान रखे तो इस इलाज का कोई ज्यादा बड़ा साइड इफ़ेक्ट नहीं.

बोन टीबी के ट्रीटमेंट के बाद क्या मैं पूरी तरह ठीक हो जाऊंगा/जाउंगी?

हड्डी के टीबी की दवाई तो 6 महीने से एक साल तक चलती है. अगर आपने सही समय पर इलाज करवा लिया तो हड्डी को नुक्सान नहीं होगा. आपकी दवाई की ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर आपको X – Ray के साथ कुछ और टेस्ट करवाने के लिए कहेगा ताकि ये जान सके कि हड्डी को नुक्सान हुआ है या नहीं. अगर हड्डी को थोडा नुक्सान हुआ है तो उसे दवाई के ज़रिये ठीक किया जा सकता है लेकिन अगर ज्यादा नुक्सान हुआ है और हड्डी जाम हो गयी है तो इसके लिए डॉक्टर को एक ऑपरेशन करना पड़ता है जिससे कि हड्डी को सही जगह लाया जा सके. लेकिन अगर टीबी ने हड्डी को पूरी तरह नष्ट कर दिया है तो हड्डी को जोड़ने के लिए स्टील का जॉइंट इस्तेमाल किया जाता है.

तो दोस्तों ये था bone tb in Hindi के बारे में सब कुछ. ये टीबी आसानी से ठीक हो सकता है बशर्ते कि इसके लक्षण सही वक़्त पर पहचाने जाये और इलाज फ़ौरन शुरू हो जाए.

 

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