बवासीर क्या है, लक्षण, डाइट और पाइल्स ट्रीटमेंट – बवासीर को कहे अलविदा!!

पाइल्स ट्रीटमेंट के बारे में जानने से पहले जानते है की पाइल्स क्या है, पाइल्स के प्रकार, लक्षण और कारण.

पाइल्स या बवासीर क्या है?

शरीर के मलाशय और गुदा (Anus) के सबसे नचले हिस्से में जब नसे सूज जाती है तो इसे पाइल्स या बवासीर कहते है. जब बवासीर से ग्रस्त व्यक्ति अपना मल निकालने के लिए शौच जाता है तो कभी-कभी इन रक्त वाहिकाओं (नसों) की दीवारें इतनी पतली होती हैं कि इससे गुदा में दर्द होने लगता है जिसे कि हम पाइल्स या बवासीर का दर्द भी कहते है. ये ज़रूरी नहीं कि गुदा में दर्द सिर्फ शौच करते वक़्त ही हो, ये किसी भी तरीके से हो सकता है जैसे बैठने से आदि. अब आपको पता चल गया होगा कि बवासीर क्या है, तो अब देखते है बवासीर के प्रकार.

पाइल्स के प्रकार

पाइल्स दो तरह की होती है – अंदरूनी और बाहरी बवासीर

आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर होती हैं, जिन्हें आप आम तौर पर देख नहीं सकते या कई बार महसूस भी नहीं कर सकते। अंदरूनी बवासीर आमतौर पर दर्द नहीं करती क्योंकि वहां अन्दर दर्द की नसे नहीं होती। अंदरूनी बवासीर के लक्षण तब सामने आते है जब खून बहने लगता है.

बाहरी बवासीर गुदा के बाहर निचली तरफ त्वचा पर होती है जहां कई दर्द-संवेदन नसे होती हैं, इसलिए बाहरी बवासीर दर्द भी करती है और कभी कभी उसमे से खून भी निकलता है। आजकल दर्द रहित और बहुत अच्छे पाइल्स ट्रीटमेंट मोजूद है इसलिए इस बीमारी में घबराने की कोई ज़रूरत नहीं.

कभी-कभी बवासीर ज्यादा बड़ी हो जाती है और गुदा के बाहर एक उभार बना लेती है । ऐसी बवासीर गुलाबी रंग के रूप में गुदा के बाहर आसानी से देखी जा सकती है। ऐसी बवासीर ज्यादा दर्द करती है खासकर जब आप शौच के लिए जाते है.

कई बार बवासीर में सूजन आ जाती है जो कि गुदा का रास्ता रोक लेती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर के पास जाना पड़ता है. आमतौर पास डॉक्टर ऐसी बवासीर को अपने तरीके से या तो अन्दर कर देता है या सर्जिकल तरीके से निकाल देता है लेकिन फिर भी ऐसी बवासीर का ज़िन्दगी भर निशान गुदा में रह जाता है लेकिन इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती.

बवासीर के कारण – क्यों होती है बवासीर या पाइल्स?पाइल्स ट्रीटमेंट

कुछ लोगों को बवासीर होने की संभावना अधिक हो सकती है अगर उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य, जैसे उनके माता-पिता, को बवासीर है या कभी थी.

आपके मलाशय पर ज्यादा दबाव पड़ने से वहां का रक्त प्रवाह प्रभावित होता है जिससे कि मलाशय की नसों में सूजन आ जाती हैं। यह अतिरिक्त वजन से हो सकता है जैसे कि मोटापा या गर्भवती होने के दौरान लेकिन इनके इलावा बवासीर के अन्य कारण है जैसे कि:

  • शौच करते वक़्त ज्यादा जोर लगाना
  • कुछ ऐसा करने से जो शारीरिक रूप से कठिन है, जैसे कि कोई बहुत भारी चीज़ या वजन उठाना
  • जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं या बैठने का काम कर्ट है, उन्हें भी बवासीर से ग्रस्त होने का ज्यादा खतरा रहता है।
  • जिन लोगो को कब्ज़ अक्सर रहती है वे भी बवासीर से ग्रस्त हो सकते है.
  • ये बीमारी पानी की कमी के कारण भी हो सकती है.

पाइल्स या बवासीर के लक्षण

वैसे तो आमतौर पर बवासीर के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते और कई बार तो पाइल्स के लक्षण पता भी नहीं चलते लेकिन अगर नीचे दिए गए कोई भी लक्षण आपको दिखे तो फ़ौरन पाइल्स ट्रीटमेंट करवाए:

  • गुदा के आसपास खुजली या दर्द या किसी तरह की परेशानी महसूस करें
  • शौच करते वक़्त टॉयलेट में खून दिखे
  • गुदा (Anus) के किनारे या आसपास की जगह उभरी हुई हो या लाल रंग का गड्डा सा हो

अगर गुदा में या आसपास की जगह पर खून हो तो फ़ौरन जांच करवाए. ये ज़रूरी नहीं कि खून की वजह पाइल्स या बवासीर ही हो. इसके कारण कोलन पॉलीप्स, कोलाइटिस, क्रोहन रोग, डायवर्टीकुलिटिस, और कोलोरेक्टल कैंसर भी हो सकते है।

बवासीर में परहेज

आपने बवासीर के लक्षण तो देख लिए, अब देखते है कि बवासीर में परहेज क्या है ताकि आपको पता हो कि क्या खाना है जिससे कि बीमारी ज्यादा बड़ा रूप ना ले ले.

  1. बवासीर में परहेज में सबसे ऊपर के पायदान पर है लाल मिर्च. जी हाँ, आपको हर रूप में लाल मिर्च से परहेज करना है. चाहे कच्ची हो या खाने में, भूल कर भी लाल मिर्च ना ले.
  2. अगर आपको पाइल्स है या पहले कभी थी तो भूल कर भी बैंगन का सेवन ना करे. डॉक्टर भी बवासीर के मरेजो को बैंगन खाने से मना करते है.
  3. अदरक और लहसन अगर आप पूरी तरह छोड़ सकते हो तो बहुत उत्तम वरना कोशिश करे कि खाने में बहुत थोड़ी मात्रा में ही डाले. कच्चा लहसन और अदरक तो बिलकुल नहीं खानी. ये दोनों चीज़े शरीर का ताप एकदम से बाधा देते है जो कि पाइल्स के रोगी के लिए ठीक नहीं.
  4. आपको हरा तरह के बंद डिब्बे वाले खाने से परहेज करना है. चाहे वो आचार हो, चिप्स हो या कुछ भी. ऐसे खानों को लम्बे समय के लिए बचाए रखने के लिए preservative डाले जाते है जो की बवासीर के मरीजो के लिए ठीक नहीं.
  5. हर प्रकार का मिर्ची वाला खाना या स्नैक्स से परहेज़ करे.
  6. बवासीर के मरीज़ को शराब से भी दूर रहना चाहिए. एक-दो हलके पेग तो ठेक है लेकिन इससे ज्यादा नहीं क्यूंकि शराब शरीर में पानी की कमी करती है जो की पाइल्स के रोगी के लिए बहुत ठीक नहीं.
  7. उन सभी खाने की चीजों से परहेज करे जिनमे नमक की मात्रा ज्यादा होती है. नमक शरीर का पानी चूस लेता है जिससे मल सख्त हो जाता है और फिर शौच के समय बहुत दर्द होता है.
  8. सभी प्रकार के फ्राई खाने बवासीर के मरीज नहीं खा सकते. ऐसे खाने में फैट तो अधिक मात्रा में होता ही है साथ ही ऐसा खाना पचाने में भी मुश्किल होता है.
  9. किसी भी प्रकार के कच्चे फल खाने से परहेज़ करे.
  10. प्रोटीन कम खाना है क्यूंकि वह जल्दी नहीं पचता. प्रोटीन खाए लेकिन थोड़ी मात्रा में. आयरन की गोलियां या कैप्सूल भी नहीं खाने है.

क्या खाए बवासीर में?     

  1. बवासीर में पपीता सबसे बढ़िया है. इससे न तो आपको कब्ज़ होगी और न ही शौच के दौरान दर्द.
  2. ज़्यादातर हरी सब्जियां बवासीर के मरीजों के लिए लाभदायक है. बस ध्यान रखे कि सब्जी में मिर्च नामात्र ही डाले.
  3. बरसात के मौसम में जितना हो सके उतना जामुन खाए और बाकी दिनों में जामुन पाउडर ले सकते है. इससे आपकी बवासीर बहुत जल्द ठीक होगी.
  4. जितना हो सके सेब खाए
  5. किशमिश भी बवासीर में लाभदायक है.
  6. गर्मियों के मौसम में दोपहर के खाने के साथ दही लेना न भूले.
  7. खीर बवासीर में बहुत अच्छा है
  8. नारियल पानी पिए

इनके इलावा आप वो सब चीज़े खा सकते है जिनमे फाइबर की मात्रा ज्यादा हो.

बवासीर के लिए मलहम

  1. बवासीर के लिए ज़्यादातर डॉक्टर Pilex (Himalaya) लगाने को बोलते है. इससे काफी रहत मिलती है और ये मात्र Rs 65 में खरीद सकते है.
  2. Oleon Natural Witch Hazel भी बवासीर के रोगियों के लिए बहुत अच्छा मलहम है. इससे खुजली में भी राहत मिलती है.
  3. Anusol Ointment ना सिर्फ पाइल्स की बीमारी को ठीक करता है साथ ही इसके लक्षण बहुत जल्द गायब भी कर देता है. ये एक बहुत असरदायक मलहम है. इसकी कीमत थोडा ज्यादा है. ये आपको बाज़ार में Rs 1700 रुपये में मिल जायेगा.
  4. Tronolane Anaesthetic Piles Cream इन सबमे सबसे असरकारक है. ये सिर्फ दो दिनों में पाइल्स या बवासीर में राहत दिलाने के लिए अचूक है. इसकी कीमत करीबन Rs 3100 रुपये है.

क्या है पाइल्स ट्रीटमेंट या पाइल्स का इलाज  

ज़्यादातर पाइल्स का इलाज बिना सर्जरी के आसानी से हो जाता है और कई तरह के पाइल्स ट्रीटमेंट डॉक्टर अपने ऑफिस में ही कर देते है । शुरू में डॉक्टर ज़्यादातर मरीजो को अपनी लाइफस्टाइल और खाने पर कण्ट्रोल करने के लिए कहते है. लेकिन फिर भी आईये देखते है क्या है बवासीर का इलाज के कुछ ट्रीटमेंट options.

गुदा में दर्द और खुजली का इलाज

गर्म (लेकिन ज्यादा गर्म नहीं) पानी से बवासीर का इलाज: 15 मिनट या उससे अधिक के लिए गर्म पानी जो कि लगभग 3 इंच तक भरा हो उसमे 15 मिनट तक बैठो, हो सके तो दिन में कम से कम 5 बार बैठे। इससे गुदा के क्षेत्र में सूजन कम होगी और वहां की मांसपेशियों को आराम मिलेगा जिससे आप शौच बिना दर्द के कर सकते हो. अपने गुदा के अंदर थोड़ा पेट्रोलियम जेली (Vaseline) भी दाल सकते है जिससे कि शौच आसानी से हो जाएगी. इसके इलावा ऊपर बताये गए मलहम या क्रीम को नियमित रूप से अपनी गुदा पर लगाते रहे. कुछ समय ज़रुरु लग सकता है लेकिन पाइल्स का ये अच्छा इलाज है.

कई बार बवासीर ज्यादा बड़ी हो सकती है जिसे कि डॉक्टर को कुछ अपने प्रोसीजर के ज़रिये निकलना पड़ता है.

पाइल्स ट्रीटमेंट इंजेक्शन के ज़रिये

आपका डॉक्टर आंतरिक बवासीर के लिए इंजेक्शन के ज़रिये दवाई डालता है जिससे कि बवासीर को बंद किया जा सके. ये अक्सर खुनी बवासीर के लिए इलाज है. ये दर्द रहित इलाज है और काफी कामयाब भी है.

रबर बैंड से पाइल्स ट्रीटमेंट

इस प्रक्रिया को अक्सर बड़ी बवासीर पर किया जाता है या फिर जो अंदरूनी  बवासीर हो जो दिखाई न दे लेकिन महसूस की जा सके. एक विशेष उपकरण का उपयोग करते हुए, डॉक्टर बवासीर के चारों ओर एक छोटा रबर बैंड लगाता है, जो कि बवासीर की रक्त प्रणाली को तुरन्त बंद कर देती है। एक हफ्ते के भीतर, बवासीर सूख सूख कर  सिकुड़ जाती है और फिर निकल जाती है.

लेज़र से बवासीर का इलाज

आपका चिकित्सक बवासीर को निकालने के लिए लेज़र का इस्तेमाल करता है. ये दर्द रहित ट्रीटमेंट है जिससे कि बवासीर को सील कर दिया जाता है और वहां का रक्त बहाव बंद कर दिया जाता है. कुछ दिनों में बवासीर सिकुड़ कर अपने आप निकल जाती है। यह ट्रीटमेंट सूजी हुई या ज्यादा बड़ी बवासीर के लिए बहुत कारगर है.

ऑपरेशन से पाइल्स ट्रीटमेंट

बड़े आंतरिक बवासीर या बेहद परेशान करने वाली बाहरी बवासीर के लिए, आपका चिकित्सक उन्हें हटाने के लिए एक छोटा सा ऑपरेशन करता है जिससे बवासीर से छुटकारा मिल सकता है.

वैसे तो ऑपरेशन की ज़रूरत कम ही पड़ती है. अगर आप अपनी डाइट पर कण्ट्रोल कर ले और बवासीर के लिए मलहम नियमित रूप से लगते रहे तो कुछ ही दिनों में आप बवासीर को अलविदा कह सकते है.  

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