यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण – Uric Acid Symptoms In Hindi!

जब हमारा शरीर खाने को अच्छी तरह पचा नहीं पता तो उस खाने का कुछ भाग सड़ जाता है जो कि हमारे खून में यूरिक एसिड बन जाता है. वैसे तो यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण व्यक्ति को साफ़-साफ़ पता चल जाते है लेकिन कुछ लोग यूरिक एसिड सिम्पटम्स को पहचान नहीं पाते जिससे कि काफी मुश्किलें पैदा हो सकती है. यूरिक एसिड कण्ट्रोल करना बहुत ज़रूरी है क्यूंकि अगर आप यूरिक एसिड सिम्पटम्स को इग्नोर करते हो तो कुछ वक़्त के बात आपको ऑपरेशन भी करवाना पड़ सकता है. इसलिए कोशिश करे की यूरिक एसिड का इलाज टाइम पर करवा ले.

एक स्वस्थ शरीर में यूरिक एसिड रक्त में घुलकर गुर्दे के माध्यम से और पेशाब के ज़रिये निकल जाता है। यदि गुर्दे यूरिक एसिड को ठीक से निकलने में सक्षम नहीं हैं और अगर आप अत्यधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हो तो यूरिक एसिड कुछ समय बाद क्रिस्टलस के रूप में शरीर में एकत्रित होने लगता है । यह क्रिस्टल्स बाद में या तो किडनी के स्टोन बन जाते है या फिर आर्थराइटिस जैसी बीमारी को जन्म देते है. इसलिए यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण समझने बहुत ज़रूरी है.

यूरिक एसिड में परहेज भी काफी करना पड़ता है. अगर आप यूरिक एसिड डाइट चार्ट देखना चाहते हो तो लिंक में पोस्ट को ज़रूर पढ़े.

वैसे तो यूरिक की दवाई बाज़ार में आसानी से मिल जाती है लेकिन अगर आप यूरिक एसिड सिम्पटम्स को ठीक से समझ ले तो समय से पहले आप इस बीमारी का इलाज कर सकते है. तो आईये देखे क्या है यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण!

शरीर के जोड़ों में यूरिक एसिड के लक्षण

शरीर में बहुत अधिक यूरिक एसिड गाउट के रूप में शरीर के जोड़ों में लक्षण पैदा करता है. इसके लक्षण होते है  जैसे जोड़ों में दर्द, सूजन, लालिमा और सख्त तवचा. कुछ लोगों का कहना है कि यूरिक एसिड के बढ़ने पर उनके शरीर के उस हिस्से से तपश निकलती है. यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण शुरू के 12 से 24 घंटों में बड़ी आसानी से देखे जा सकते है.

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

आम तौर शरीर के जोड़ जो सबसे ज्यादा यूरिक एसिड से प्रभावित होते है वो है पैर की अंगुली, एड़ी, टखना, घुटने, उँगलियाँ, कलाई, या फिर कोहनी । शुरू में यूरिक एसिड के लक्षण शरीर के केवल एक जोड़ में दिखाई देते है लेकिन अगर समय पर यूरिक एसिड कण्ट्रोल न किया जाए तो शरीर के बाकी जोड़ों पर भी इसका प्रभाव दिखने लगता है।

आमतौर पर शरीर के जोड़ों में यूरिक एसिड सिम्पटम्स लगभग 12 से 24 घंटे में दिखने लगते हैं. ये लक्षण कुछ दिनों बाद नार्मल हो जाते है लेकिन बेमारी ठीक नहीं होती इसलिए समय पर इसका इलाज ज़रूरी है. अगर समय पर यूरिक एसिड कण्ट्रोल न किया जाए तो यूरिक एसिड क्रिस्टल्स शरीर के जोड़ को भरी नुक्सान या फिर पूरी तरह ख़राब भी कर सकते है.

 

शरीर की त्वचा पर यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

अगर आप यूरिक एसिड सिम्पटम्स को इग्नोर करते हो कुछ वर्षो तक कोई दवाई भी नहीं लेते तो यूरिक एसिड क्रिस्टल्स आपकी त्वचा पर दिखने लगते है. ऐसा तब होता है जब आप लम्बे समय से उच्च यूरिक एसिड की बीमारी से ग्रस्त हो. लम्बे समय तक अगर यूरिक एसिड का इलाज न किया जाए तो यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स त्वचा के नीचे एक लंपी बना लेते है जिसे tophi भी कहा जाता है. ये लम्पी आमतौर पर दर्द तो नहीं करती लेकिन इससे आपके शरीर का वो भाग थोडा उठा हुआ हो जाता है. ये लम्पी आमतौर पर उंगलियों, पैर की उंगलियों, कोहनी, और हाथों में बनती हैं। लेकिन फिर भी अगर उच्च यूरिक एसिड का इलाज न किया जाए तो ये उस भाग को पूरी तरह खराब कर सकती है.

अंदरूनी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

अंदरूनी शरीर में उच्च यूरिक एसिड सबसे ज्यादा आपके गुर्दे यानि किडनी को प्रभावित करता है. जैसा कि बताया गया है, गुर्दे या मूत्र पथ में यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स किडनी के पत्थर में विकसित हो सकते है। ये आम तौर पर पुरुषों में अधिक सामान्य होते हैं, और वे विभिन्न लक्षणों जैसे पीठ दर्द, पेट में दर्द, लिंग के नीचे गंभीर दर्द, तेज़ बुखार, ठंड लगना, लम्बा जुकाम और उल्टी के लक्षण पैदा करता है। इसलिए ये ज़रूरी है की आपको यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण अच्छे से पता हो.

तो दोस्तों ये थे 3 यूरिक एसिड सिम्पटम्स जो आपको बताएँगे कि आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है या नहीं. याद रखे कि यूरिक एसिड में अपने खाने पर पूरा परहेज रखे ताकि आप जल्द से जल्द इस बीमारी से निजात पा सके.

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